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U.S. attacks Venezuela, Maduro taken into custody – अमेरिका का वेनेजुएला पर हमला, मादुरो हिरासत में — ट्रंप

अमेरिका ने वेनेजुएला पर सैन्य हमला किया, राष्ट्रपति मादुरो को हिरासत में लिया — ट्रंप बोले, अमेरिका “देश चलाएगा”

कराकस / वाशिंगटन डी.सी., 4 जनवरी 2026 — एक अभूतपूर्व घटनाक्रम में, संयुक्त राज्य अमेरिका ने रविवार तड़के वेनेजुएला पर बड़े पैमाने पर सैन्य अभियान को अंजाम दिया, जिसके परिणामस्वरूप राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को हिरासत में ले लिया गया। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, दोनों को मादक पदार्थ तस्करी और अन्य गंभीर आरोपों में मुकदमे का सामना करने के लिए अमेरिका ले जाया गया है।

यह अभियान — जिसे ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिज़ॉल्व नाम दिया गया — 3 जनवरी की सुबह शुरू हुआ। इसके तहत हवाई हमले और विशेष बलों की कार्रवाई के माध्यम से कराकस सहित कई सैन्य ठिकानों और रणनीतिक स्थानों को निशाना बनाया गया। राजधानी में विस्फोटों और लड़ाकू विमानों की आवाज़ें सुनी गईं। वेनेजुएला सरकार ने नागरिकों के हताहत होने की पुष्टि करते हुए अमेरिका पर आबादी वाले इलाकों पर हमले का आरोप लगाया।

ट्रंप का बड़ा ऐलान, तेल संपत्तियों पर नज़र

मादुरो की गिरफ्तारी के कुछ ही घंटों बाद, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मीडिया को संबोधित करते हुए घोषणा की कि अमेरिका अस्थायी रूप से वेनेजुएला का प्रशासन अपने नियंत्रण में लेगा और “सुरक्षित, व्यवस्थित व जिम्मेदार राजनीतिक परिवर्तन” तक देश का संचालन करेगा।

ट्रंप ने कहा कि मादुरो शासन वर्षों से नशीले पदार्थों की तस्करी, भ्रष्टाचार और आर्थिक कुप्रबंधन में लिप्त रहा है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि अमेरिकी तेल कंपनियों को वेनेजुएला के विशाल तेल भंडारों के पुनर्निर्माण और संचालन की अनुमति दी जाएगी, जिससे अमेरिका अपने खर्चों की भरपाई कर सकेगा।

“हम इस देश को तब तक चलाएंगे जब तक एक सही और सुरक्षित सत्ता हस्तांतरण नहीं हो जाता,” ट्रंप ने कहा। “हमारी बड़ी अमेरिकी तेल कंपनियां टूटी हुई तेल व्यवस्था को ठीक करेंगी और देश के लिए फिर से आय उत्पन्न करेंगी।”

कानूनी और राजनीतिक विवाद

इस सैन्य कार्रवाई की कानूनी वैधता पर तीखी बहस शुरू हो गई है। यह अभियान अमेरिकी कांग्रेस की पूर्व अनुमति के बिना किया गया, जिससे संवैधानिक सवाल खड़े हो गए हैं। संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय कानून विशेषज्ञों ने भी इसे वेनेजुएला की संप्रभुता का उल्लंघन बताया है।

वेनेजुएला सरकार और उसके सहयोगी देशों — क्यूबा, रूस और ईरान — ने अमेरिका की कार्रवाई को अवैध आक्रमण करार दिया। उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज़ ने एक टीवी संबोधन में कहा कि मादुरो देश के वैध राष्ट्रपति हैं और उनकी तत्काल रिहाई की मांग की। कई शहरों में मादुरो समर्थकों ने प्रदर्शन भी शुरू कर दिए हैं।

क्षेत्रीय और वैश्विक असर

वेनेजुएला का प्रमुख तेल साझेदार चीन ने अमेरिकी हमले की कड़ी निंदा करते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया और लैटिन अमेरिका में अस्थिरता बढ़ने की चेतावनी दी। यूरोप और लैटिन अमेरिकी देशों की प्रतिक्रियाएं मिली-जुली रहीं — कुछ ने आलोचना की, तो कुछ ने संयम और कूटनीतिक समाधान पर ज़ोर दिया।

अमेरिका के भीतर भी राजनीतिक प्रतिक्रियाएं बंटी हुई हैं। कुछ रिपब्लिकन नेताओं ने इसे निर्णायक कार्रवाई बताया, जबकि डेमोक्रेट सांसदों ने चेतावनी दी कि इससे क्षेत्रीय तनाव और अमेरिका-विरोधी भावनाएं बढ़ सकती हैं।

आगे क्या होगा

मादुरो की गिरफ्तारी और सत्ता शून्य के बीच वेनेजुएला का भविष्य अनिश्चित बना हुआ है। सबसे बड़े सवाल यह हैं कि अमेरिका प्रशासन कैसे चलाएगा, आम वेनेजुएलाई नागरिकों की प्रतिक्रिया क्या होगी और क्या यह संकट क्षेत्रीय संघर्ष में बदल सकता है।

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर आपात बैठक कर सकती है। वैश्विक नेता इस घटनाक्रम को हाल के दशकों में अमेरिका के सबसे विवादास्पद और प्रभावशाली विदेश नीति कदमों में से एक मान रहे हैं।

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